Ghansyam Sharma / Mon, May 26, 2025 / Post views : 179
धरती बचाओ, बीज उगाओ: सेव अर्थ कैंपेन की प्रेरणादायक शुरुआत
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
लगातार हो रही पेड़ों की कटाई, अंधाधुंध रेत खनन और वनों के अतिक्रमण से पर्यावरण संतुलन तेजी से बिगड़ रहा है। धरती का हरित आवरण कम होता जा रहा है, जिससे जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत सामने आने लगे हैं। ऐसे समय में कोंडागांव के युवाओं द्वारा चलाया जा रहा "सेव अर्थ कैंपेन" एक प्रेरणादायक कदम बनकर उभरा है।
अभियान प्रमुख पुनम दास मानिकपुरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल लोगों को पर्यावरण संरक्षण की ओर जागरूक करने और व्यावहारिक कदम उठाने की दिशा में प्रेरित कर रही है। उनका कहना है कि मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रकृति का दोहन कर रहा है, परंतु अब समय आ गया है कि हम प्रकृति को कुछ लौटाएं।
बीज बाँटो, हरियाली बढ़ाओ
इस अभियान के तहत आम जनता से अपील की जा रही है कि वे बारिश के मौसम से पहले अपने दैनिक जीवन की यात्रा—चाहे ऑफिस जाना हो, दुकान या खेत—में अपने साथ कुछ बीज अवश्य रखें। रास्ते में मिलने वाली खाली ज़मीनों पर इन बीजों को बिखेर दिया जाए। मानसून के आगमन के साथ ही इनमें अंकुरण होगा और धीरे-धीरे पौधे विकसित होकर पेड़ों में तब्दील होंगे।
घरों में मौजूद बीजों का करें उपयोग
अभियान के सदस्य लोगों को यह भी जागरूक कर रहे हैं कि हमारे घरों में रोज़ाना उपयोग के बाद फेंके जाने वाले आम, जामुन, लीची, सीताफल आदि के बीजों को संग्रहित कर उनका पर्यावरणीय उपयोग करें। इसी प्रकार करंज, नीम, गुलर जैसे पेड़ों के नीचे पड़े बीजों को भी इकट्ठा कर रोपण के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
लक्ष्य: हर हाथ एक बीज
"सेव अर्थ कैंपेन" का उद्देश्य हर नागरिक को इस हरियाली मुहिम से जोड़ना है ताकि सामूहिक प्रयासों से धरती को फिर से हरा-भरा बनाया जा सके। यह अभियान न सिर्फ पौधारोपण को बढ़ावा देता है, बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी जाग्रत करता है।
छोटे-छोटे प्रयास भी अगर सामूहिक रूप से किए जाएं, तो बड़े बदलाव संभव हैं। "सेव अर्थ कैंपेन" इसी सोच का जीवंत उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरे-भरे भविष्य की नींव रख रहा है।
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