Ghansyam Sharma / Sun, Sep 28, 2025 / Post views : 183
भूल सुधार
झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से बुर्जुग की मौत, परिवार में आक्रोश हेडिंग से प्रकाशित समचार में फोटो त्रुटि में हेतु खेद प्रकट किया जाता है।
27 सितम्बर की रात करीब 7 से 8 बजे के बीच कोण्डागांव थाना में मृतक के परिजनों द्वारा झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस दौरान कवरेज के समय मीडिया को दिखाए गए एक वीडियो में किसी व्यक्ति ने बताया कि केसरिया गमछा पहने व्यक्ति मृतक हैं। इसी कारण प्रसारित एक फोटो को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
समाचार में प्रकाशित फोटो में नीले गोले से चिन्हित केसरिया गमछा पहने व्यक्ति को मृतक बताया गया था।
जबकि परिजनों ने आज सुबह स्पष्ट किया कि उक्त व्यक्ति जीवित है। वास्तव में, फोटो में दोनों व्यक्तियों के पीछे खड़े सफेद गमछा पहने व्यक्ति की झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद मृत्यु हुई थी।
पाठकों से इस फोटो त्रुटि हेतु खेद प्रकट किया जाता है।

आपको बतादेंकि
झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से बुर्जुग की मौत, परिवार में आक्रोश
कोण्डागांव। झोलाछाप डॉक्टर निखिल सिकदार के इलाज से 60 वर्षीय बालाराम बंजारे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। मामूली टॉन्सिल की शिकायत लेकर इलाज के लिए पहुंचे बालाराम को निखिल ने इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि निखिल कई वर्षों से बिना वैध लाइसेंस के इलाज कर रहा है और उसकी पत्नी स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ होने के कारण उसे संरक्षण मिलता रहा। इस संबंध में बार-बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निखिल ने कैमरे पर भी स्वीकार किया है कि उसके पास किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं है।
परिजन का एक वीडियो सामने आया है जिसमें बालाराम घटना से पहले पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहे हैं। परिवार का कहना है कि यह वीडियो साबित करता है कि मौत झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से हुई है।
फिर से एक बार पाठकों से इस फोटो त्रुटि हेतु खेद प्रकट किया जाता है।
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