Ghansyam Sharma / Tue, May 23, 2023 / Post views : 165
कांग्रेस सरकार द्वारा गोमाता के नाम पर लूटे गए पैसों के पाई पाई का हिसाब वसूलने से पहले भाजपा चैन से नहीं बैठेगी - लता उसेंडी
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
प्रदेश में केंद्रीय योजनाओं के धन और पंचायतों का हक मारकर 1300 करोड़ के घोटाले का पर्दाफ़ाश करने भाजपा ने चलबो गोठान खोलबो पोल अभियान के तहत भारी अनियमितता उजागर की है । इसी क्रम मे स्थानीय विश्राम गृह मे प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने मीडिया को बताया कि पूरे प्रदेश मे गोठान के नाम पर केंद्र की राशि का दुरुपयोग हुआ है । यह चारा घोटाला से भी बड़ा घोटाला हुआ है जिससे गोठान की स्थिति बद से बद्तर हो गई है । न तो वर्मी कम्पोस्ट के पैसों का हिसाब मिल रहा है न ही गोठान मे मेहनत करके कार्य कर रहे सदस्यों को समय पर उचित राशि प्राप्त हो रही है । कांग्रेस गोबर ख़रीदी का गुणगान तो करती है किंतु गोठान के अंतर्गत केवल कुछ ही लोगों द्वारा गोबर बेचा जाता है । इसी तरह रोका छेका के नाम पर प्रोपोगंडा फैलाया गया जबकि मवेशियों के लिए न तो खाने पीने की व्यवस्था रही न ही शेड की । गोठान मे पैरा कट्टी आदि की पर्याप्त व्यवस्था न होने से भूख और दुर्घटना से गायों के मरने की तमाम खबरें आई । मवेशी की तस्करी भी बड़े पैमाने पर हुई और उसे रोकने वाले गोरक्षक इस सरकार की नज़र मे गुंडे और अपराधी हो गए । वही पूर्व विधायक लता उसेंडी ने कहा कि केंद्र द्वारा भेजी गई राशि को बिजली,पानी, स्वच्छता, स्कूल, अस्पताल में खर्च किया जा सकता था, उस पैसे का गौठान के नाम पर दुरुपयोग करके भारी भ्रष्टाचार किया गया है । विकास कार्यों के लिए आये तमाम पैसों को डाइवर्ट कर देने के कारण पंचायतों में पैसे ही नही बचे । दो रुपये किलो की दर से गोबर को गांव वालों से खरीदने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है । वर्मी कंपोस्ट के नाम पर मिट्टी, मुरम युक्त खाद उसी क्षेत्र के किसानों को जबरन सोसायटी के माध्यम से 10 रुपए किलो मे बेचा गया । जो किसान नहीं लेना चाहते, उन्हें सोसायटी की अन्य सुविधाओं से वंचित कर दिया जा रहा है । गोठान निर्माण में भी भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को साफ तौर पर देखा जा सकता है ।
जिला अध्यक्ष दीपेश अरोरा ने कहा कि सरकारी दावे के अनुसार ही बात करें तो प्रदेश में 9790 गोठान कार्यरत है । शोभा बढ़ाने के लिए बने कुछेक आदर्श गोठानों को अगर छोड़ दें तो कहीं भी कोई व्यवस्था नही है । घोटाले बिना रोक टोक के चलते रहें इसीलिए नियमानुसार गोठान समिति का चुनाव भी नही कराया जा रहा । बड़ी संख्या मे सत्ता के करीबियों ने बिना चुनाव के ही क़ब्ज़ा कर लिया है । वही प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोज जैन ने बताया कि यदि कोण्डागांव की बात करे तो जामपदर स्थित गोठान में लगभग 5 मवैशी ही पाए गए जबकि कई गुना अधिक मवैशी गोठान के बाहर पाए गए । कोरोना काल में गोबर खरीदी का काम बंद था उस दौरान फर्जी तरीके से एक हितग्राही जिसके पास मात्र 2 गाय थे उनको 10 लाख 89 हजार का भुगतान किया गया जबकि जिस हितग्राही के पास लगभग 40 गाय थे उनको 1 लाख का भुगतान किया गया ।
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