Ghansyam Sharma / Thu, Sep 24, 2026 / Post views : 121
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
तहसीलपारा का भागवत चौक इन दिनों आस्था के साथ-साथ अपनी अनूठी सजावट के कारण भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां नीले रंग के विशाल ब्रह्मांड के बीच ग्रहों की चमक और उनके मध्य विराजमान भगवान श्री गणेश की करीब 13 फीट ऊंची सफेद प्रतिमा श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है। पंडाल में प्रवेश करते ही ऐसा दृश्य दिखाई देता है, मानो भक्त ब्रह्मांड के बीच प्रथम पूज्य भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचे हों।
भगवान श्री गणेश की भक्ति और तीन पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को इस बार मानस मंडली कोण्डागांव ने ब्रह्मांड की थीम से जोड़ा है। समिति का मानना है कि प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की पूजा के बिना किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं होती। इसी भाव को पंडाल की सजावट में उकेरते हुए भगवान गणेश को ब्रह्मांड के केंद्र में स्थापित किया गया है।

भागवत चौक में गणेश स्थापना की कहानी आज की सजावट से कहीं ज्यादा पुरानी है। वर्ष 1961 से यहां लगातार भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। समिति के वरिष्ठ सदस्य टंकेश्वर कुमार पाणिग्राही बताते हैं कि इस परंपरा से उनका परिवार तीन पीढ़ियों से जुड़ा हुआ है।
वे बताते हैं कि वे दूसरी पीढ़ी का हिस्सा हैं और अब उनके बच्चे तीसरी पीढ़ी के रूप में इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। कभी यहां छोटी-सी प्रतिमा स्थापित कर सीमित स्तर पर आयोजन किया जाता था। समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी और आयोजन का स्वरूप भी विस्तार लेता गया। आज करीब 13 फीट की भव्य प्रतिमा यहां आस्था का केंद्र बनी हुई है।
इस बार पंडाल को केवल सजावट तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे एक कल्पना के रूप में आकार दिया गया है। नीले रंग के ब्रह्मांड में अलग-अलग ग्रहों को दर्शाया गया है। इनके बीच सफेद रंग में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को स्थापित किया गया है। रोशनी और सजावट के बीच गणेश प्रतिमा श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है।
पंडाल में पहुंचने वाले श्रद्धालु पहले सजावट को निहारते हैं और फिर भगवान श्री गणेश के दर्शन कर आगे बढ़ते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में इस थीम को लेकर उत्सुकता देखी जा रही है।
गणेश उत्सव के 11 दिनों तक यहां प्रतिदिन विधि-विधान से भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा के बाद भगवान को भोग लगाया जाता है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। बड़ी संख्या में लोग दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने पहुंच रहे हैं।
समिति के सदस्यों के लिए यह आयोजन महज एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि तीन पीढ़ियों की आस्था, सहभागिता और परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प है। श्रद्धालुओं की भीड़ और पंडाल की तारीफ को समिति भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद मानती है।
मानस मंडली कोण्डागांव के आयोजन में
अध्यक्ष: मनीष पाणिग्राही उपाध्यक्ष: संतोष पात्र
सदस्य: सिद्धार्थ बाफना, सचिव: लव पांडे
कोषाध्यक्ष: हर्ष आहूजा, सहित समिति के सदस्य आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।
आस्था का यह सफर 1961 में शुरू हुआ था। समय बदला, प्रतिमा का आकार बदला, पंडाल की सजावट बदली, लेकिन तीन पीढ़ियों से चली आ रही भगवान श्री गणेश की भक्ति और स्थापना की परंपरा आज भी उसी विश्वास के साथ कायम है।
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