Ghansyam Sharma / Thu, Aug 18, 2022 / Post views : 162
सूचना के अधिकार से मिली जानकारी से साबित हुआ बनना था सामुदायिक केंद्र बना रहे अन्तरर्यजीय बस स्टैंड
कोंडागांव पत्रिका लुक।
नगर पालिका प्रशासन कोंडागांव के द्वारा ग्राम पंचायत चिखलपुटी में वन भूमि पर सामुदायिक केंद्र बनाए जाने के नाम से दक्षिण वन मण्डल से वन भूमि की मांग की गई थी। नगर पालिका प्रशासन कोंडागांव को वन भूमि आबंटन होने के बाद उस वन भूमि पर सामुदायिक केंद्र नहीं बनाते हुए
अन्तरर्यजीय बस स्टैंड का निर्माण कराया जा रहा है । इससे यह साबित होता हैं कि नगर पालिका प्रशासन कोंडागांव के द्वारा सबको झूठ बोलकर वन वन भूमि को आंबटन कराया गया है।
वन विभाग भी प्रेस विज्ञति जारी की
पूर्व में पत्रिका लुक न्यूज ने समाचार प्रकाशन के बाद वन विभाग के आधकारी व वन दक्षिण वन मण्डल कोंडागांव की किरकिरी होने लगी तभी आनन-फानन में दक्षिण वन विभाग के द्वारा जिला जनसंपर्क कोंडागांव में माध्यम से प्रेसनोट जारी कर कहा कि उक्त वन भूमि को नगर पालिका प्रशासन को सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए आबंटन किया गया हैं।
दक्षिण वन मण्डल कोंडागांव के प्रेसनोट जारी कर अपने आप को इस मामले से दूर करने की कोशिश की हैं पर दक्षिण वन मण्डल कोंडागांव के अधिकारी को एक सवाल का जवाब जरूर देना चाहिए था की अगर आप नगर पालिका प्रशासन को वन भूमि आबंटन करना ही था तो दो हिस्सों में 0.99 और 099 हेक्टेयर का आबंटन क्यों किया गया , एक बार में ही पूरा आबंटित कर देना था । 
0.99 और 099 हेक्टेयर वन भूमि को जारी करने के पीछे कारण
दक्षिण वन मण्डल कोंडागांव के अधकारी के द्वारा 0.99 और 099 हेक्टेयर वन भूमि को दो हिस्सों में इस लिए आबंटन किया गया क्यों कि 0.99 हेक्टेयर के बाद दक्षिण वन विभाग के DFO को वन भूमि आबंटन करने का अधिकार खत्म हो जाता हैं और इस पूरे प्रकरण को अपने उच्च अधिकारियों के पास भेजना होता हैं । लेकिन दक्षिण वन मण्डल अधिकारी किसके दबाव में यह निर्णय लिया है यह तो वही बता सकते है।
ग्राम पंचायत से नगर पालिका ने बोला झूठ
आपको जानकर हेरानी होगी कि नगर पालिका प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा ग्राम पंचायत चिखलपुटी के सरपंच ओर सचिव से यह बोल कर अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया कि उक्त वन भूमि पर सामुदायिक केंद्र बनाया जाएगा । पंचायत सरपंच -सचिव को क्या मालूम कि नगर पालिका प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी भी झूठ भी बोलते होंगे।
नगर पालिका प्रशासन ने क्या बोला झूठ
आपको बता दे कि नगर पालिका प्रशासन के अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा ग्राम पंचायत चिखलपुटी को यह बोल कर की आपके वन परिक्षेत्र में सामाजिक कार्यक्रम के लिए सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाएगा जिसके लिए आप अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दे । नगर पालिका प्रशासन ने अधिकारी कर्मचारियों की बातों में विश्वास कर ग्राम पंचायत में 099 हेक्टेयर व 099 हेक्टेयर भूमि के लिए सामुदायिक केंद्र व सड़क के लिए 0.99 हेक्टेयर भूमि के लिए अनुमति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। 
नगर पालिका ने समुदाय केंद्र नहीं बना रही
आपको बतादे की नगर पालिका के द्वारा उक्त 099 व 099 हेक्टेयर वन भूमि यानी 7 एकड़ वन भूमि का उपयोग सामुदायिक भवन के बजाय अन्तरर्यजीय बस स्टैंड का निर्माण के लिए कर रही हैं । ग्राम पंचायत चिखलपुटी के सरपंच- सचिव अपने आप को ठगा सा महशुस कर रहे होंगे ।
नगर पालिका को झूठ बोलना क्यो पड़ा
आपको बतादे की नगर पालिका को जब तक घर पंचायत का अनुमति प्रमाण पत्र नहीं मिलता तब तक उस क्षेत्र में निर्माण कार्य नगर पालिका नहीं करा सकती और साथ ही वन विभाग भी वन भूमि को आबंटन नहीं कर सकती थी। इस लिए नगर पालिका प्रशासन को झूठ बोलना पड़ा।
छोटे बड़े लगभग 100 पेड़ो की कटाई
वन विभाग ने छोटे बड़े लगभग 100 पेड़ो की काटा दिया
नगर पालिका प्रशासन को ग्राम चिखलपुटी 099 व 099 हेक्टेयर वन भूमि में लगे छोटे बड़े लगभग 100 पेड़ो को काट कर नगर पालिका प्रशासन को आबंटन किया गया हैं। वन विभाग द्वारा उक्त पेड़ो के एवज में नगर पालिका प्रशासन से कितनी राशि हर्जा ने के रूप में वसूली की गई हैं पर पर वन विभाग द्वारा अभी तक प्रेसनोट जारी नहीं किया गया हैं। लेकिन विभागीय सूत्र बता रहे हैं कि पेड़ो के एवज में नगर पालिका प्रशासन के द्वारा 15 से 18 लाख रुपये हर्जा ने के रूप में लिया गया हैं। नगर पालिका प्रशासन को उक्त वन भूमि 0.99 ओर 0.99 हेक्टेयर वन भूमि का वन अधिकार पपत्र भी किया जारी।
वन अधिकार पपत्र पत्र व पट्टा की निवामली अगले अंक में जरूर पड़े।
लेखन घनश्याम शर्मा
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