Ghansyam Sharma / Sat, Nov 29, 2025 / Post views : 264
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
जिले में अवैध रेत उत्खनन लगातार जारी है और प्रशासन की कार्रवाई महज दिखावे तक सीमित दिख रही है। शनिवार को खनिज विभाग ने ग्राम मसोर के पास नारंगी नदी से अवैध उत्खनन में लगे चार ट्रैक्टर जब्त किए, लेकिन इस मामूली कार्रवाई से बड़े रेत माफिया बेखौफ बने हुए हैं। यही कारण है कि अब विभाग पर बड़े रेत कारोबारियों को बचाने के आरोप जोर पकड़ने लगे हैं।
एनजीटी (राष्ट्रीय हरित न्यायधिकरड) की सख्त हिदायतों के बावजूद कोंडागांव जिले के अंदरूनी इलाकों में चाहे राजस्व भूमि हो या फिर वन भूमि से गुजरने वाली नदी नाले से धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन जारी है। अधिकारी कर्मचारियों और संसाधनों की कमी का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, जबकि माफिया रातभर गुप्त मार्गों से रेत ढुलाई करते रहते हैं। इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए माफिया ने अपना खुद का निगरानी तंत्र भी विकसित कर लिया है, जिसके कारण विभाग की छापेमारी की जानकारी पहले ही लीक हो जाती है और केवल कुछ वाहनों पर औपचारिक कार्रवाई हो पाती है।
नारंगी नदी पर ग्राम मसोर, दण्डवन, कलिबेड़ा, बडेराजपुर, जुगानी पुल, पावड़ा, चिचड़ी पुल, पासंगी, बरकई और बम्हनी सहित कई अवैध घाट सक्रिय हैं। यहां से तेज रफ्तार ट्रैक्टर व हाइवा गुजर रहे हैं, जिनमें कई भारी वाहन उन मार्गों पर दौड़ रहे हैं जहां उनका प्रवेश प्रतिबंधित है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है, मगर प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते यह गोरखधंधा बेरोकटोक जारी है।
जनदबाव और मीडिया में खबरें आने के बाद ही विभाग की नींद खुलती है और कुछ ट्रैक्टर जब्त कर खानापूर्ति कर दी जाती है। जिले में अब तक रेत माफियाओं के खिलाफ न तो कोई कठोर कार्रवाई हुई है और न ही स्थायी समाधान की दिशा में ठोस प्रयास नज़र आ रहे हैं।
गौतम नेताम, जिला खनिज अधिकारी कोंडागांव
उन्होंने बताया कि रेत परिवहन में लगे चार ट्रैक्टरों को जब्त कर कार्रवाई की गई है। जब उनसे टिपरों द्वारा रेत परिवहन के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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