Ghansyam Sharma / Sat, Apr 12, 2025 / Post views : 200
कोण्डागांव | पत्रिका लुक (विशेष रिपोर्ट )
कोंडागांव से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में अनफिट व दस्तावेजविहीन वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। ये वाहन जहां एक ओर यातायात नियमों की खुली अवहेलना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं।
नियमों की उड़ रही धज्जियां, विभाग की नींद नहीं टूटी
स्थानीय नागरिकों और जानकार सूत्रों के अनुसार, अधिकांश भारी वाहन—जिनमें यात्री बसें, ट्रक और छोटे मालवाहक वाहन शामिल हैं—या तो तकनीकी रूप से असुरक्षित हैं या उनके पास वैध कागजात नहीं हैं। इसके बावजूद ये वाहन बिना किसी रोकटोक के राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ रहे हैं।
हादसों के बाद जागता है प्रशासन
बीते शुक्रवार 11 अप्रेल को गांधी चौक के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जांच में पाया गया कि दुर्घटनाग्रस्त बस के दस्तावेजों की वैधता महीनों पहले ही समाप्त हो चुकी थी। इस खुलासे के बाद परिवहन विभाग ने आनन-फानन में 19 बसों पर चालानी कार्रवाई की।
केवल औपचारिकता बन कर रह गई जांच
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग को इन अनियमितताओं की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। हर बार हादसे के बाद ही कुछ बसों की जांच कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे असल समस्या जस की तस बनी रहती है।
विभाग ने स्टाफ की कमी को ठहराया जिम्मेदार
जिला परिवहन अधिकारी अतुल असैया ने बताया –
“हम समय-समय पर पुलिस के सहयोग से संयुक्त जांच अभियान चलाते हैं। परंतु विभाग में स्टाफ की कमी के कारण नियमित कार्रवाई करना संभव नहीं हो पाता।”
निष्कर्ष: कब जागेगा सिस्टम?
यह स्थिति न केवल यातायात व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जब तक कोई बड़ी जनहानि न हो, तब तक प्रशासनिक कार्रवाई की गति बेहद धीमी रहती है। सवाल उठता है कि क्या आम जनता की सुरक्षा ऐसे ही लापरवाह व्यवस्था के भरोसे रहेगी?
जन-जागरूकता: क्या आप जानते हैं?
हर अनफिट वाहन, एक चलती-फिरती मौत है। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट, गाड़ी का संचालन अपराध की श्रेणी में आता है। सड़क सुरक्षा अधिनियम के तहत, दोषी पाए जाने पर वाहन मालिक पर जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं। यात्रियों को भी यह अधिकार है कि वे वाहन में चढ़ने से पहले उसके वैध दस्तावेज़ों की जानकारी मांग सकें।
आप क्या कर सकते हैं?
1. संवेदनशील बनें: यदि आप अनफिट या संदिग्ध वाहन को सड़कों पर देखते हैं, तो उसकी सूचना निकटतम परिवहन कार्यालय या पुलिस को दें।
2. जागरूक रहें: जिस बस या वाहन में सफर कर रहे हैं, उसका रजिस्ट्रेशन और फिटनेस वैध है या नहीं—यह जानना आपका अधिकार है।
3. आवाज़ उठाएं: सोशल मीडिया, जन प्रतिनिधियों और मीडिया के ज़रिए इस मुद्दे पर दबाव बनाएं, ताकि नियमित जांच और सख्त कार्यवाही हो सके।
4. RTI के ज़रिए सवाल पूछें: परिवहन विभाग व पुलिस अधीक्षक से पूछें—आपके ज़िले में कितनी बार पिछले 6 महीने में अनफिट वाहनों पर कार्रवाई हुई?
आप भी जुड़ें सुरक्षित यातायात अभियान से
पत्रिका लुक की टीम सड़कों पर सुरक्षित यातायात के लिए लगातार अभियान चला रही है। हम खबरों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि हादसों से पहले चेतावनी दी जा सके, न कि हादसों के बाद अफसोस किया जाए।
हम आपसे अपील करते हैं —
इस मुहिम में आप भी सहभागी बनें, अपनी जिम्मेदारी समझें और जहां भी अनियमितता दिखे, आवाज़ उठाएं ओर स्थानीय पुलिस या आप फोटो वीडियो बना कर पत्रिका लुक टीम को भेजें 9340389154 । आपकी एक सूचना, एक जागरूकता, किसी की जान बचा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन