Ghansyam Sharma / Sat, Dec 13, 2025 / Post views : 237
कोण्डागांव । पत्रिका लुक
राज्य कार्यालय द्वारा चयनित पीडब्ल्यूसी संस्था के माध्यम से जिले में रॉट आयरन के कार्य से जुड़े समूहों और परिवारों को उनके उत्पादों के बेहतर विपणन एवं ब्रांडिंग हेतु 12 एवं 13 दिसंबर को दो दिवसीय आवासीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कारीगरों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाना है।
प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई द्वारा जिले में निर्मित रॉट आयरन उत्पादों के कैटलॉग को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत कर विस्तार से समझाया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उत्पादों की डिजाइन, फिनिशिंग और प्रस्तुति को आकर्षक बनाकर उन्हें बाजार में भेजा जा सकता है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि तैयार किए गए कैटलॉग एवं उत्पादों के वीडियो सभी प्रतिभागियों को व्हाट्सएप के माध्यम से मोबाइल पर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे कारीगर स्वयं भी अपने उत्पादों का प्रचार कर सकें।
सीईओ भोई ने कारीगरों से कहा कि विभागीय स्तर पर लगाए जाने वाले राज्य, जिला एवं राष्ट्रीय स्तर के स्टॉलों में अनिवार्य रूप से सहभागिता लें। इससे न केवल उत्पादों की पहचान बढ़ेगी, बल्कि लोगों से सीधा संपर्क स्थापित होगा और कार्य के लिए ऑर्डर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि बाजार से जुड़ाव ही कारीगरों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (विहान) से जिला मिशन प्रबंधक विनय सिंह, उड़ान महिला की सफल कंपनी के सीईओ देवेंद्र तथा पीडब्ल्यूसी संस्था के मास्टर ट्रेनर भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों द्वारा ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ग्राहक पसंद, मूल्य निर्धारण एवं डिजिटल माध्यमों से विपणन के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि कोंडागांव जिले को शिल्प नगरी के रूप में जाना जाता है। यहां के पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा लगातार विभिन्न योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे स्थानीय शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
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