Ghansyam Sharma / Fri, May 16, 2025 / Post views : 171
मुलेर में सुशासन तिहार, जनसंवाद और घोषणाओं की सौगात
दंतेवाड़ा। पत्रिका लुक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को बस्तर संभाग के आदिवासी बहुल और अतिदूरस्थ ग्राम मुलेर का दौरा किया। दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित यह गांव लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा है, लेकिन अब नियद नेल्लानार योजना के तहत तेजी से परिवर्तन की राह पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री का यह दौरा सुशासन तिहार के तहत आयोजित किया गया, जिसमें शासन की योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों को प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामवासियों ने पारंपरिक शैली में महुआ और आमपत्ती से बने हार पहनाकर स्वागत किया। गौर मुकुट और छिंद पत्तों से बने गुलदस्तों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों का भी अभिनंदन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव
अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामवासियों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने राशन दुकान का निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों से खाद्यान्न वितरण की गुणवत्ता, वजन और उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर राशन का तौल करवाकर व्यवस्था की पारदर्शिता पर बल दिया। मुख्यमंत्री साय ने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों से मुलाकात की, रंगों की पहचान, अक्षर ज्ञान जैसी गतिविधियों की जानकारी ली और बच्चों को चॉकलेट बांटे।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं:
अंदल कोसम माता मंदिर के निर्माण हेतु 4 लाख रुपये की स्वीकृति, उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, नाहाड़ी तक संपर्क सड़क का निर्माण, ग्राम के सभी पारा को जोड़ने हेतु पुलिया और सीसी सड़क के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा, शिविर लगाकर वनाधिकार पत्र, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की दसवीं बोर्ड परीक्षा में नौवां स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा रमशिला नाग से मुलाकात कर उसे सम्मानित किया। पुष्पगुच्छ भेंट कर मिठाई खिलाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुलेर: विकास की ओर बढ़ता आदिवासी गांव
मुलेर ग्राम पंचायत, जो जिले से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित है, अब योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन से विकास की मिसाल बन रहा है। कुल 112 परिवारों की इस पंचायत में 474 लोग निवास करते हैं, जिनमें शत-प्रतिशत आबादी माड़िया जनजाति की है। गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र, छह महिला स्व-सहायता समूह, और सौर ऊर्जा आधारित होम लाइटिंग व्यवस्था है। लक्ष्मी समूह को डीएमएफ मद से ट्रैक्टर उपलब्ध कराया गया है, जिसका उपयोग खेती और आय के लिए हो रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दौरा यह साबित करता है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक सुशासन, सेवा और समावेशी विकास पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सोत्र dprcg
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