Ghansyam Sharma / Thu, Nov 27, 2025 / Post views : 174
केशकाल। पत्रिका लुक ( नरेंद्र सेठिया)
ग्राम पंचायत बांसकोट में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी यशवंत नाग के खिलाफ बिना किसी शासकीय अनुमति के रोह, सिस्सम और नीम सहित कई पेड़ों को काटने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारी ने पेड़ों की कटाई अपने निजी उपयोग और विक्रय के उद्देश्य से की है, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है।
जानकारी के अनुसार, पेड़ काटे जाने की भनक लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आपत्ति जताई। इस पर यशवंत नाग ने दावा किया कि उन्हें वार्ड पंच इकतील से अनुमति प्राप्त है। हालांकि जब ग्रामीणों ने वार्ड पंच एवं सरपंच से संपर्क कर मामले की पुष्टि की, तो दोनों ने किसी भी प्रकार की अनुमति दिए जाने से साफ इनकार कर दिया। इससे ग्रामीणों की शंका और गहरी हो गई।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग और राजस्व विभाग को दी। दोनों विभागों ने स्पष्ट किया कि न तो कोई आवेदन प्राप्त हुआ था और न ही पेड़ कटाई की कोई अनुमति जारी की गई थी। विभागों का यह स्पष्टीकरण पूरे प्रकरण को अवैध और नियमों के खिलाफ साबित करता है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य अधिकारी कोंडागांव को ज्ञापन सौंपकर मामले की संपूर्ण जांच कर दोषी कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा इस प्रकार की मनमानी न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि शासकीय प्रक्रियाओं की अवहेलना भी दर्शाती है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी यशवंत नाग का कहना है कि पेड़ पूरी तरह सूख चुके थे और गिरने की आशंका थी। उनके अनुसार, इससे किसी कर्मचारी, मरीज या उनके परिजनों को दुर्घटना का खतरा हो सकता था, इसलिए स्टाफ की आपसी सहमति व से पेड़ काटे गए। हालांकि ग्रामीण इस दावे को बहाना बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अडिग हैं।
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