Ghansyam Sharma / Fri, Aug 19, 2022 / Post views : 168
बगैर टेंडर के किया जा रहा लाखों का कार्य,निर्माण कार्य के बाद अब की जा रही टेंडर की प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ में सर्वश्रेष्ठ विधायक का दर्जा प्राप्त करने वाले संतराम नेताम के क्षेत्र का मामला
कोंडागांव पत्रिका लुक।
ये क्या हो रहा हैं भाई कोंडागांव जिले में, कोई झूठ बोलकर अधिकारी वन भूमि आबंटन करता है तो कोई अधिकारी ऐसा भी है जो पहले निर्माण कार्य करता है बाद में निविदा प्रकाशित कराता हैं, ये हैं कोंडागांव के अधिकारियों का हाल।
आपको बतादे की ऐसा ही एक मामला कोंडागांव जिला के आदिवासी विकास विभाग कार्यालय से सामने आया है जहां पर सहायक आयुक्त साहेब AC में बैठकर निर्णय लेते हुए निर्माण कार्य का आदेश जारी करते हैं वह भी अपने चहते ठेकेदार को। साहेब के चहते ठेकेदार ने सहायक आयुक्त साहेब का आदेश का पालन करते हुए कार्य भी पूरा कर दिया, ठेकेदार ने यह भी नही सोचा की भुगतान कैसे होगा। कहते हैं ना सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का ।
क्या था कार्य साहेब ने जिसकी निविदा नहीं निकाली
जानकारी अनुसार जिला खनिज न्यास संस्थान अंतर्गत राशि के 60% उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों मद अंतर्गत के तहत डीएमएफटी की अनुमोदित कार्य योजना 2021-22 में जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत 2015 के नियम 22 ,2 (घ) शिक्षा हेतु दो करोड़ 23 लाख 84 हजार की राशि कार्यालय कलेक्टर डीएमएफ से स्वीकृत की गई थी। जिसमें कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोंडागांव द्वारा प्रस्ताव तकनीकी स्वीकृति प्रपोजल के आधार पर वित्तीय वर्ष 2022- 23 के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोंडागांव को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त करते हुए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। उसके तहत कार्य करवाया जाना था जिसके लिए दो निविदा निकाली गई जिसमें 05मई 2022 एवं 2 जून 2022 को निविदा प्रकाशित की गई, लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूर्ण किए बिना ही प्री मैट्रिक छात्रावास बड़ेडोंगर में जीर्णोद्धार अंतर्गत रंगाई पुताई व अन्य कार्य 7लाख 73 हजार का करवा लिया गया, जिसकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण नहीं कि गई। अपने चहते ठेकेदार को लाल- पिला मामला होने निर्माण कार्य दे दिया गया , या यूं कहें कि सहायक आयुक्त साहेब की पूरी सांठगांठ ठेकेदार से होगी शायद?
आखिर क्यों करना पड़ा बिना निविदा के कार्य
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कोंडागांव जिला में भेंट मुलाकात कार्यक्रम का दौर चलने वाला था उसी दौरान कोंडागांव जिले में विकास व साफ सफाई दिखाने के लिए बिना निविदा निकाले निर्माण कार्य का आदेश जारी कर दिया गया, लेकिन कोंडागांव जिला में विकास तो दिखाई नहीं दे रहा ।
इस मामले में क्या कहते हैं सहायक आयुक्त
इस मामले में सहायक आयुक्त संकल्प साहू का कहना है कि धनोरा परस गांव फर्रुखाबाद क्षेत्र में में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भेंट मुलाकात कार्यक्रम था, जिसके अंतर्गत रंगाई पुताई का कार्य कराया गया था विशेष परिस्थिति में हमारे द्वारा इस प्रकार के कार्य कराए जाते हैं।
साहेब की बातों से यह साफ हो जाता है अगर छत्तीसगढ़ का मुख्या अचानक पहुंचने की सूचना मिलती है तो देश का सविधान व सविधान की निमावली एक किनारे डाल दे और छत्तीसगढ़ के मुख्या से सबासी पाए और कुर्सी बचाए यह आम लोगों की राय है।
केशकाल विधयाक के क्षेत्र का मामला
आपको बतादे की छत्तीसगढ़ में सर्वश्रेष्ठ विधायक का दर्जा संतराम नेताम को मिला है उसी के क्षेत्र में अधिकारी विकास के नाम पर भर्राशाही करने में लगे हैं। इस मामले को लेकर अभी तक विधयाक संतराम नेताम का अधिकृत बयान सामने नहीं आया है। वही ऐसे कई मामले को लेकर विपक्षी दलों के लोग तरह-तरह के बयान बाजी कर रहे हैं । भष्ट्राचार के तमाम मामले में विधायक की सह भागीता होने की बात कह रहे हैं।
सूत्र- नीरज उईके, लेखन-घनश्याम शर्मा
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