Ghansyam Sharma / Sat, Dec 7, 2024 / Post views : 159
अरविंद्र नेताम ने कहा हम बस्तर अलग राज्य की मांग करेंगे
मोहम्मद यासीन खान ने कहा अपराधी कोई जाति धर्म का नही होता, अपराधी- अपराधी ही होता हैं
कोण्डागांव । पत्रिका लुक
बस्तर में बाहरी घुसपैठियों पर रोक,महिला अत्याचार,सहित अन्य मांगों को लेकर आयोजित महाबंद को लोगों का पूर्ण समर्थन मिला,जिले भर में बंद का व्यापक असर दिखाई दिया,व्यवसायों ने अपने-अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह से ही बंद रखकर महाबंद को समर्थन दिया। कारोबारी द्वारा होटल, ठेले तक बंद रखने से चाय नाश्ते तक के लिए लोग परेशान होते दिखे।
चौपाटी मैदान में हुई सर्व समाज की आम सभा
चौपाटी मैदान में सभा आयोजित कर मांगो को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, इस दौरान जिले में निवासरत सभी समाज के लोग शामिल रहे। समाज प्रमुखों में अपनी-
अपनी बाते मंच पर साझा की साथ ही सभी समाज मिलझुल कर कोण्डागांव सहित बस्तर को शांति का टापू बनने की बात रखी।
जिला अध्यक्ष बंगाराम सोढ़ी ने कहा
बंगाराम सोढ़ी सर्व आदिवासी समाज जिला अध्यक्ष ने कहा बाहरी घुसपैठ का यह दर्द सभी समाज का है, बाहरी घुसपैठ यहां आते हैं और यहां के स्थानीय समाजो को बदनाम करते हैं,शासन प्रशासन बाहरी घुसपैठियों पर रोक लगाने में सख्ती बरते इसीलिए आज महाबंद का आयोजन किया गया था,जिले का यह बंद पूरे बस्तर संभाग को प्रभावित करेगा।घुसपैठ पर रोक लगाने आगे शासन प्रशासन को गाव गाव तक पहुंच जागरूकता लाने का प्रयास करना होगा।
मुस्लिम समाज के पूर्व सदर मोहम्मद खान ने कहा
मोहम्मद यासीन खान, पूर्व सदर मुस्लिम समाज ने कहा अपराधी का जाति धर्म नहीं होता है ,अपराधी चाहे किसी भी जाति व धर्म का हो,अपराधी अपराधी होता है। हम सब मिलकर उसे उजागर करेंगे ,कानून के तहत उनको कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे। बस्तर में भाईचारा आज भी है पहले भी था और आगे भी रहेगा। सर्व आदिवासी समाज के आंदोलन में आज सर्व समाज के लोग शामिल है। उनकी मांगे जायज है सरकार उनकी मांगों को यथासंभव पूरा करें।
प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द्र नेताम ने कहा
सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद नेताम ने कहा कि शासन प्रशसन आदिवासियों की एक भी मांग को पूरा नहीं करती है, जब आदिवासियों पर ज्यादा अन्याय होता है तो ही वे उठ खड़े होते हैं ओर आवाज बुलंद करने व शासन -प्रशासन तक आवाज पहुंचने के लिए बंदका सहारा लेना पड़ता हैं। शासन -प्रशासन आदिवासियों की मांग को पूरा नहीं करती है तो संविधान में अपने कह की लड़ाई के लिए ओर अपने आदिवासियों के लिए हक के लिए हम बस्तर को अलग राज्य की मांग करेंगे।
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