Ghansyam Sharma / Mon, Jun 5, 2023 / Post views : 147
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को शांति फाउंडेशन समाज सेवी संस्था के द्वारा कोण्डागांव के हृदय स्थल बंधा तालाब के चारों ओर पौधा लगाकर मनाया गया जिसमें नीम करंज गुलमोहर पीपल जैसे पूजनीय पौधे भी लगाए गए और इन पौधों को लगाने के साथ-साथ समाज के अंदर एक चेतना भी स्थापित किया गया कि हर परिवार हर गांव के अंदर अपने परिवारों के नाम पर पौधे जरूर लगाएं यह पौधे ही हैं जो इस प्रकृति को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाते है। वृक्षारोपण को लेकर यतीन्द्र छोटू सलाम का कहना है कि यह हमारी प्रकृति का सबसे खूबसूरत सिंगार है आज पौधा ही है जिसकी वजह से मानव जीवन वह जीव जंतु जीवित है आज इन पेड़ पौधों की वजह से हजारों प्रकार के पक्षी जीव जंतु इन पौधों पर निवासरत होते हैं पौधा मानव जीवन के सबसे उपयोगी व आस्था की दृष्टि से एक पवित्र व परोपकार को दर्शाता एक ऐसा धरा है जिसकी तुलना सृष्टि के किसी और अन्य चीजों से नहीं की जा सकती वह इंसानी जीवन को जीना भी सिखाती है वह परोपकार जैसे महत्वपूर्ण इकाई भी आज क्षेत्र में लगातार पौधे लगाने को लेकर शांति फाउंडेशन के द्वारा कई प्रकार के मुहिम चलाए जा रहे हैं जिसमें हम लोगों ने क्षेत्रवासियों से यह भी अपील करते है कि अगर किसी परिवार में कोई बुजुर्ग व्यक्ति का देहांत होता है तो हम उनके याद में एक पौधा लगाएं और उस बुजुर्ग व्यक्ति को सालों साल के लिए अमर कर दें और उस पौधे में उनके नाम से भोजन अर्पण करें ताकि उस पेड़ में रहने वाले जीव जंतु पक्षी उस भोजन को ग्रहण करें ऐसा ही क्षेत्र में गांव में किसी भी परिवार में जब बिटि या बेटा जन्म ले तो उनके नाम से पौधा जरूर लगाया जाए ऐसी योजना हम लोगों ने सुनिश्चित करी है ताकि वह पौधे और बच्चों के बड़े होते होते पेड़ में तब्दील हो जाए और हजारों लोगों को अपना हवा दे अपना छांव दें और पशु पक्षी के रहने के लिए एक आशियाना प्रदान करें ऐसी योजनाओं से निश्चित तौर पर हम अपने गांव अपने शहर अपने जिले को एक नया पहचान दे पाने में कामयाब होंगे
आज यह पौधा उन मानसिक बीमार लोगों ने तैयार किया है जो कल तक इस समाज का हिस्सा कहलाने में या लोगों को कहने में भी शर्म आता था आज यह लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर आज जिस कार्य के लिए किसी के पास चंद मिनट समय नहीं है उस कार्य को यह बखूबी निभा रहे हैं यह इस कोंडागांव जिले की पहचान बन चुकी है आज यह मानसिक बीमार सड़कों से उठकर पुनर्वास केंद्र में रहकर ना कि इस कोंडागांव जिले का नाम रोशन कर रहे हैं बल्कि इस कोंडागांव जिले को संवारने के लिए सजाने के लिए जो मुमकिन हो पा रहा है वह कार्य इनके द्वारा किया जा रहा है चाहे वो सफाई अभियान हो या कोई अन्य कार्य इस कोंडागांव जिले के लिए सौभाग्य की बात है मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि पूरे छत्तीसगढ़ मैं कोंडागांव जिला ही एकमात्र ऐसा जिला है जहां पौधे भी मानसिक बीमार लोग तैयार करते हैं और उन पौधों को लगाकर इस शहर को सवारने का कार्य भी इनके द्वारा किया जा रहा है
पौधा रोपण में मुख्य रूप से सर्व समाज अध्यक्ष धन्सरआज टण्डन , तरूण यादव , डी राज सेठिया, भावेस यादव , रमेश उसेंडी, योगेश व अन्य लोग सामिल रहे
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