Ghansyam Sharma / Tue, Jul 20, 2021 / Post views : 239
रिलायंस समूह के मुखिया अनिल अंबानी कर्ज के जाल से बाहर निकलने की कोशिशों में जुटे हैं। बीते कुछ सालों में अनिल अंबानी ने कई संपत्तियों की बिक्री कर अपने कर्ज को कम किया है। अब रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस की भी बिक्री होने वाली है।
1,600 करोड़ में अधिग्रहण की उम्मीद: दरअसल, रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस (आरसीएफ) के कर्जदाताओं ने कंपनी की समाधान योजना को मंजूरी दे दी है और ऑथम इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को सफल बोलीदाता के रूप में चुना है। ऑथम द्वारा लगभग 1,600 करोड़ रुपए में आरसीएफ का अधिग्रहण करने की उम्मीद है। आरसीएफ कर्ज में डूबे अनिल अंबानी द्वारा प्रवर्तित रिलायंस समूह की कंपनी- रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
रिलायंस कैपिटल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कर्जदाताओं ने एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत ऑथम इनवेस्टमेंट को कंपनी के अधिग्रहण के लिए सफल बोलीदाता के रूप में चुना है। इस प्रक्रिया को कर्जदाताओं और बोलीदाताओं के बीच कई दौर की वार्ता के बाद पूरा किया गया। आपको बता दें कि ये दूसरी बार है जब ऑथम इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने अनिल अंबानी की किसी कंपनी पर दांव लगाया है। इससे पहले, रिलायंस होम फाइनेंस के लिए कंपनी ने 2,887 करोड़ रुपए की बोली लगाई है।सौदे के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा की अगुवाई में कर्जदाताओं के समूह को 2,887 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसमें 2,587 करोड़ या 90 प्रतिशत का भुगतान पहले किया जाएगा। जबकि शेष 300 करोड़ रुपए कंपनी एक साल के भीतर देगी। बता दें कि करीब 15 साल से सक्रिय ऑथम इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, लिस्टेड घरेलू गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है।
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