नई दिल्ली. गांधी-नेहरू वंश परंपरा से आने वाले राहुल गांधी (Rahul Gandhi) जीवन एवं राजनीतिक पारी उतार-चढ़ाव से भरी रही है. परिवार में उनकी दादी और पिता की हत्या हुई जबकि राजनीति में कांग्रेस का सुनहरा दौर एक तरह से समाप्त हो गया है.
राहुल विपक्ष के एक गंभीर नेता के रूप में खुद को स्थापित करने में लगे हैं. उन्होंने संसद से सड़क तक मुद्दों के आधार पर सरकार को घेरा है. सरकार की नीतियों में खामी उजागर करते हुए वह उस पर हमलावर रहे हैं. यूपीए सरकार के दोनों कार्यकालों में उन्होंने सरकार में कोई पद नहीं लिया. एक सांसद के रूप में वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाते रहे.
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