Ghansyam Sharma / Wed, Sep 30, 2026 / Post views : 255
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
ग्राम पंचायत अनंतपुर के सरपंच विक्रम मंडावी के खिलाफ पंचों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। पंचों ने पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता की कमी, निर्माण कार्यों की जानकारी नहीं दिए जाने तथा कुछ कार्यों में कथित अनियमितता की आशंका जताई है। इसके अलावा शासकीय भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई और उन्हें बाहर ले जाकर बेचने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार करीब 30 वर्ष पहले वन महोत्सव के तहत शासकीय भूमि पर लगाए गए कुछ पेड़ों की कटाई की गई। आवेदन में चार पेड़ों को काटकर दो ट्रकों के माध्यम से ओडिशा ले जाने और बिक्री किए जाने का आरोप लगाया गया है। पंचों ने इस मामले में संबंधित अनुमति और दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पंचों ने पंचायत में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कुछ निर्माण कार्यों की जानकारी पंचों को पहले नहीं दी जाती और उनकी जानकारी या सहमति के बिना कार्य कराए जाने की शिकायत है। पंचों ने ऐसे निर्माण कार्यों की प्रक्रिया, स्वीकृति, गुणवत्ता और खर्च से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में पंचायत के कामकाज से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया गया है। पंचों का कहना है कि इससे पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच असंतोष की स्थिति बनी है।
ग्राम पंचायत अनंतपुर में कुल 19 पंच बताए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार इनमें से तीन पंचों को छोड़कर 17 पंच कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की। उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों के भी मौजूद रहने की बात कही गई है।
पंचों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर पंचायत के कामकाज और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने लाने तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
मामले में अब जिला प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। वहीं बड़ी संख्या में पंचों द्वारा एक साथ शिकायत किए जाने से पंचायत में मतभेद की स्थिति सामने आई है। अब प्रशासनिक जांच और आगे की प्रक्रिया से ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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