Ghansyam Sharma / Sun, Sep 13, 2026 / Post views : 130
रायपुर। पत्रिका लुक
पहली नजर में तस्वीर देखकर आपको लगेगा कि यह किसी फिल्म या AI की बनाई हुई तस्वीर है। लेकिन कवर्धा से लगे बकोदा गांव में यह नजारा पिछले करीब दो महीने से ग्रामीणों की आंखों के सामने है। एक कुत्ता अपनी पीठ पर बंदर के नन्हे बच्चे को बैठाकर गांव में घूमता नजर आता है।
बंदर का बच्चा कुत्ते की पीठ से इस तरह चिपका रहता है, जैसे उसे अपनी मां का सहारा मिल गया हो। वहीं कुत्ता भी बिना किसी परेशानी के उसे लेकर आराम से घूमता रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों को अक्सर साथ देखा जाता है। बंदर का बच्चा कुत्ते से अलग होने के बजाय उसके साथ ही रहता है।
वीडियो देखें
गांव में यह दृश्य अब लोगों के लिए कौतूहल बन चुका है। कोई इसे अनोखी दोस्ती कह रहा है तो किसी को कुत्ते में बच्चे के प्रति ममता नजर आती है। बच्चे और बुजुर्ग भी इस जोड़ी को देखने के लिए रुक जाते हैं और मोबाइल में तस्वीरें कैद करते हैं।
सबसे दिलचस्प सवाल यही है कि आखिर इस रिश्ते की शुरुआत कैसे हुई? क्या मां से बिछड़ने के बाद बंदर के बच्चे को कुत्ते में सहारा मिला या दोनों के बीच धीरे-धीरे ऐसा लगाव बना? क्या कुत्ता महज साथी है या वह सचमुच बच्चे की हिफाजत कर रहा है?
अब सवाल वन विभाग की जिम्मेदारी का भी है। करीब दो महीने से गांव में यह नजारा दिखाई दे रहा है तो क्या विभाग को इसकी जानकारी है? क्या बंदर के बच्चे की स्थिति, स्वास्थ्य और उसकी मां से बिछड़ने के कारण की जांच की गई? वन्यजीव होने के कारण बच्चे की सुरक्षा और उसके प्राकृतिक आवास तक पहुंच सुनिश्चित करना भी विभाग की जिम्मेदारी है। जरूरत होने पर वन विभाग को मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करना चाहिए, ताकि यह अनोखा साथ कहीं नन्हे वन्यजीव के लिए जोखिम न बन जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन