Ghansyam Sharma / Mon, Oct 5, 2026 / Post views : 94
रायपुर। पत्रिका लुक
विद्यार्थियों को शैक्षणिक दस्तावेज हासिल करने के लिए अब माध्यमिक शिक्षा मंडल के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल के बाद मंडल की कई महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों से जुड़े काम तय समय-सीमा में करना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था में डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी जैसी सेवाएं शामिल हैं। इन सेवाओं के लिए 60 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इससे दस्तावेजों के लिए होने वाली अनावश्यक देरी पर रोक लगाने के साथ संबंधित प्रक्रिया में जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।
मंत्री यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही दस्तावेजों के लिए परेशान होना स्वीकार्य नहीं है। परीक्षा परिणाम के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दस्तावेज समय पर मिलना जरूरी है। ऐसे में व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें विद्यार्थी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के मुताबिक सेवाओं को लोक सेवा गारंटी से जोड़ने का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इससे उन विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलेगी, जिन्हें प्रवेश या आगे की पढ़ाई के लिए तत्काल अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र या उत्तरपुस्तिका संबंधी दस्तावेजों की जरूरत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन