Ghansyam Sharma / Mon, Oct 5, 2026 / Post views : 45
कोण्डागांव। पत्रिका लूल
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के न्यायमूर्ति एवं कोंडागांव जिला न्यायालय के पोर्टफोलियो जज संजय कुमार जायसवाल ने 3 अक्टूबर को जिला न्यायालय का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालयीन अधोसंरचना, निर्माणाधीन भवनों और न्यायिक कार्यों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक
निरीक्षण से पहले न्यायमूर्ति जायसवाल ने जिला विश्राम भवन में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जिले के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में न्यायालयीन अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की प्रगति और आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अधिवक्ताओं से किया संवाद
इसके बाद न्यायमूर्ति ने जिला न्यायालय के मीटिंग हॉल में अधिवक्ताओं से मुलाकात की। अधिवक्ताओं ने न्यायालयीन कार्यों से संबंधित विभिन्न विषयों और समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। न्यायमूर्ति ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आवास गृहों का निरीक्षण
न्यायमूर्ति जायसवाल ने न्यायिक अधिकारियों और न्यायालयीन कर्मचारियों के लिए निर्माणाधीन आवास गृहों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण की स्थिति का जायजा लिया तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
नए न्यायालय भवन का अवलोकन
निरीक्षण के अगले चरण में निर्माणाधीन नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन का अवलोकन किया गया। उन्होंने भवन के निर्माण कार्य, न्यायालयीन कक्षों, प्रस्तावित सुविधाओं और भविष्य में न्यायिक कार्यों के लिए विकसित की जा रही अधोसंरचना की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।
त्वरित न्याय पर जोर
न्यायमूर्ति ने न्यायालयीन व्यवस्थाओं को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर अधोसंरचना के साथ न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक कार्य वातावरण जरूरी है। इसका सीधा लाभ पक्षकारों को मिले और उन्हें त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध हो, यह प्राथमिकता होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
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