Ghansyam Sharma / Sun, Sep 7, 2025 / Post views : 165
कोण्डागांव । पत्रिका लुक
कोण्डागांव दक्षिण वन मण्डल अंर्तगत आने वाला ग्राम मुनगापदर के बागढोड़ापारा से सटे आरएफ 577 के वन भूमि पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ने लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते कुछ महीनों से वन भूमि पर लगातार खेती का दायरा बढ़ रहा है और विभाग की खामोशी से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, जिस भूमि पर विभाग ने पहले सागौन के पौधे लगाकर वृक्षारोपण योजना चलाई थी, वहां अब दलहन-तिलहन की फसलें खड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से पौधों को काटकर खेत तैयार कर लिया। इससे न केवल लाखों रुपये की सरकारी योजना प्रभावित हुई है, बल्कि वन क्षेत्र का स्वरूप भी बदलने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दीं, मगर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि विभाग जानबूझकर कार्रवाही नही कर रहा है, जबकि इस दौरान अतिक्रमण का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि विभाग समय रहते कठोर कदम नहीं उठाता, तो आने वाले वर्षों में पूरा वन क्षेत्र धीरे-धीरे खेती की भूमि में तब्दील हो जाएगा। इसका सीधा असर न केवल पर्यावरण और जैवविविधता पर पड़ेगा, बल्कि आसपास के गांवों में जल स्रोत और पशु-पक्षियों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होगा।
मामले में बिट गार्ड ए. शोरी ने ग्रामीणों द्वारा सामूहिक अतिक्रमण की पुष्टि की और बताया कि पहले भी कुछ लोगों पर कार्रवाई की गई थी। वहीं, वन परिक्षेत्र अधिकारी कोंडागांव बिजन शर्मा ने कहा कि अधीनस्थ कर्मियों को मौके पर जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अब देखना यह होगा कि विभाग की कार्यवाही कितनी सख्त होती है और क्या यह कदम वन भूमि को अतिक्रमण से बचा पाएगा या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन