Ghansyam Sharma / Thu, Oct 1, 2026 / Post views : 56
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
स्मार्ट मीटर योजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद कोण्डागांव के सहायक सचिव जयप्रकाश नेताम ने योजना को जनविरोधी बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना को आगे बढ़ाने के मामले में भाजपा और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के बीच सांठगांठ रही है।
नेताम ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुई थी और वर्तमान भाजपा सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस स्मार्ट मीटर का विरोध कर रही है, जबकि सत्ता में रहते हुए उसी योजना को लागू करने में आगे रही। सीपीआई नेता ने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक दिखावा करार दिया।
उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो से चार गुना तक बढ़े हैं। उनका आरोप है कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक रिपोर्ट का उल्लेख नहीं किया।
सीपीआई ने स्मार्ट मीटर योजना पर तत्काल रोक लगाने, पहले से लगे मीटर हटाकर पुराने मीटर बहाल करने, बढ़े बिजली बिलों की स्वतंत्र जांच कराने और गलत बिलिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लेने तथा 400 यूनिट तक मुफ्त या सब्सिडी वाली बिजली योजना बहाल करने की भी मांग उठाई है।
नेताम ने कहा कि सीपीआई स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेगी और जनता से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
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