Ghansyam Sharma / Sat, Apr 18, 2026 / Post views : 64
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
सकल जैन समाज कोण्डागांव द्वारा आयोजित धार्मिक प्रवचन में जैन मुनि वीरभद्र जी के विचारों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओसवाल भवन पहुंचे। इस दौरान मुनि श्री ने तप, संयम और संतुलित जीवनशैली पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
मुनि वीरभद्र जी, जो 109 उपवास के साथ दूसरे सबसे अधिक कठोर तप करने वाले मुनियों में शामिल हैं, ने बताया कि उन्होंने 175 दिनों का कठोर तप किया, लेकिन इससे आगे नहीं बढ़े क्योंकि उन्हें अहंकार का भय था। उन्होंने कहा कि सच्चा तप केवल शरीर का नहीं, बल्कि मन का होता है और मन पर नियंत्रण ही वास्तविक साधना है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति आत्मसंयम और दृढ़ संकल्प के साथ तप कर सकता है। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सूर्य उदय के बाद और सूर्यास्त से पहले भोजन व जल ग्रहण करने की सलाह दी।
युवा पीढ़ी की जीवनशैली पर चिंता जताते हुए मुनि श्री ने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग युवाओं को समाज, परिवार और धर्म से दूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सएप का अधिक उपयोग बच्चों के व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावित कर रहा है।
मुनि वीरभद्र जी ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग पर विशेषकर रात के समय निगरानी रखें। उन्होंने अंत में कहा कि तकनीक आवश्यक है, लेकिन उसका संतुलित उपयोग ही जीवन को सही दिशा देता है।
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