Sat, 10 Oct 2026
Breaking News
पोषण माह के तहत आंगन मिलन कार्यक्रम : आंगन मिलन में पोषण और स्वास्थ्य का संदेश, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं सम्मानित | वीबी-जी रामजी के कार्यों की समीक्षा : विकास कार्यों में लापरवाही पर जिला पंचायत CEO सख्त, तकनीकी अमले को नोटिस जारी करने के निर्देश | 32 दिनों तक जिंदगी की जंग,स्वस्थ होकर घर लौटी नवजात : SNCU में डॉक्टरों का कमाल, गंभीर नवजात को 32 दिनों के उपचार के बाद मिली नई जिंदगी | विस्फोटक नष्ट करने के दौरान ब्लास्ट, 4 जवान घायल : एलार्मडगु कैंप के पास हादसा, दो जवान गंभीर; कोन्टा अस्पताल में उपचार जारी | माओवाद की आड़ में धमकी भरे पर्चे, दो आरोपी गिरफ्तार : मुरदण्डा सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीण को धमकी देने का मामला, जमीन विवाद से जुड़ा निकला पर्चा कांड | तीन आरोपी गिरफ्तार : चार साल से फरार हत्या के तीन आरोपी गिरफ्तार | तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा | राष्ट्र मंडला रंगोली में गूंजा ‘नक्सल मुक्त बस्तर’ : 200 से अधिक विद्यार्थियों ने बनाई विशाल रंगोली, जन-जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक से दिया शांति, विकास व पर्यावरण संरक्षण | छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव स्वागत : सुखदेव भगत का कोंडागांव में भव्य स्वागत, बाइक रैली में उमड़ा कांग्रेस का हुजूम | 25 साल की जनसेवा को लेकर निकली ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा : एनसीसी मैदान से गांधी चौक होते हुए गुंडाधुर विद्यालय तक पहुंची यात्रा, विधायक लता उसेंडी समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार् | पोषण माह के तहत आंगन मिलन कार्यक्रम : आंगन मिलन में पोषण और स्वास्थ्य का संदेश, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं सम्मानित | वीबी-जी रामजी के कार्यों की समीक्षा : विकास कार्यों में लापरवाही पर जिला पंचायत CEO सख्त, तकनीकी अमले को नोटिस जारी करने के निर्देश | 32 दिनों तक जिंदगी की जंग,स्वस्थ होकर घर लौटी नवजात : SNCU में डॉक्टरों का कमाल, गंभीर नवजात को 32 दिनों के उपचार के बाद मिली नई जिंदगी | विस्फोटक नष्ट करने के दौरान ब्लास्ट, 4 जवान घायल : एलार्मडगु कैंप के पास हादसा, दो जवान गंभीर; कोन्टा अस्पताल में उपचार जारी | माओवाद की आड़ में धमकी भरे पर्चे, दो आरोपी गिरफ्तार : मुरदण्डा सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीण को धमकी देने का मामला, जमीन विवाद से जुड़ा निकला पर्चा कांड | तीन आरोपी गिरफ्तार : चार साल से फरार हत्या के तीन आरोपी गिरफ्तार | तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा | राष्ट्र मंडला रंगोली में गूंजा ‘नक्सल मुक्त बस्तर’ : 200 से अधिक विद्यार्थियों ने बनाई विशाल रंगोली, जन-जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक से दिया शांति, विकास व पर्यावरण संरक्षण | छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव स्वागत : सुखदेव भगत का कोंडागांव में भव्य स्वागत, बाइक रैली में उमड़ा कांग्रेस का हुजूम | 25 साल की जनसेवा को लेकर निकली ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा : एनसीसी मैदान से गांधी चौक होते हुए गुंडाधुर विद्यालय तक पहुंची यात्रा, विधायक लता उसेंडी समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार् | पोषण माह के तहत आंगन मिलन कार्यक्रम : आंगन मिलन में पोषण और स्वास्थ्य का संदेश, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं सम्मानित | वीबी-जी रामजी के कार्यों की समीक्षा : विकास कार्यों में लापरवाही पर जिला पंचायत CEO सख्त, तकनीकी अमले को नोटिस जारी करने के निर्देश | 32 दिनों तक जिंदगी की जंग,स्वस्थ होकर घर लौटी नवजात : SNCU में डॉक्टरों का कमाल, गंभीर नवजात को 32 दिनों के उपचार के बाद मिली नई जिंदगी | विस्फोटक नष्ट करने के दौरान ब्लास्ट, 4 जवान घायल : एलार्मडगु कैंप के पास हादसा, दो जवान गंभीर; कोन्टा अस्पताल में उपचार जारी | माओवाद की आड़ में धमकी भरे पर्चे, दो आरोपी गिरफ्तार : मुरदण्डा सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीण को धमकी देने का मामला, जमीन विवाद से जुड़ा निकला पर्चा कांड | तीन आरोपी गिरफ्तार : चार साल से फरार हत्या के तीन आरोपी गिरफ्तार | तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा | राष्ट्र मंडला रंगोली में गूंजा ‘नक्सल मुक्त बस्तर’ : 200 से अधिक विद्यार्थियों ने बनाई विशाल रंगोली, जन-जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक से दिया शांति, विकास व पर्यावरण संरक्षण | छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव स्वागत : सुखदेव भगत का कोंडागांव में भव्य स्वागत, बाइक रैली में उमड़ा कांग्रेस का हुजूम | 25 साल की जनसेवा को लेकर निकली ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा : एनसीसी मैदान से गांधी चौक होते हुए गुंडाधुर विद्यालय तक पहुंची यात्रा, विधायक लता उसेंडी समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार् |

: एलोरा गुफाओं की बात है निराली, जानिए इनके बारे में ...

Ghansyam Sharma / Sun, Jun 13, 2021 / Post views : 227

Share:

एलोरा की गुफाएं न केवल तीन महान धर्मों (बौद्ध, ब्राह्मणवाद और जैन धर्म) की गवाही देती हैं, बल्कि वे सहिष्णुता की भावना, प्राचीन भारत की विशेषता को भी दर्शाती हैं, जिसने इन तीनों धर्मों को अपने अभयारण्यों और अपने समुदायों को एक ही स्थान पर स्थापित करने की अनुमति दी।

एलोरा गुफाएं, उत्तर−पश्चिम−मध्य महाराष्ट्र राज्य में 34 शानदार रॉक−कट मंदिरों की एक श्रृंखला है। वे औरंगाबाद के उत्तर−पश्चिम में 19 मील और अजंता की गुफाओं से 50 मील दक्षिण−पश्चिम में एलोरा गांव के पास स्थित हैं। करीबन 2 किमी की दूरी में फैले इन मंदिरों को बेसाल्टिक चट्टानों से काटा गया था और इनमें विस्तृत अग्रभाग और आंतरिक दीवारें हैं। एलोरा परिसर को 1983 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामित किया गया था। ये लुभावनी गुफाएं अपनी मूर्तियों और वास्तुकला के लिए निश्चित रूप से देखने लायक हैं। तो चलिए आज हम आपको एलोरा गुफाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं−

धार्मिक विविधता का है प्रतीक

एलोरा की गुफाएं न केवल तीन महान धर्मों (बौद्ध, ब्राह्मणवाद और जैन धर्म) की गवाही देती हैं, बल्कि वे सहिष्णुता की भावना, प्राचीन भारत की विशेषता को भी दर्शाती हैं, जिसने इन तीनों धर्मों को अपने अभयारण्यों और अपने समुदायों को एक ही स्थान पर स्थापित करने की अनुमति दी। 12 बौद्ध गुफाएं (दक्षिण में) लगभग 200 ईसा पूर्व से 600 सीई तक, 17 हिंदू मंदिर (केंद्र में) लगभग 500 से 900 सीई तक और 5 जैन मंदिर (उत्तर में) लगभग 800 से 1000 सीई तक बनाई गई हैं। एलोरा ने मठों (विहारों) और मंदिरों (चैत्य) के एक समूह के रूप में कार्य किया।

कैलासा गुफा है बेहद प्रसिद्ध

गुफा मंदिरों में सबसे उल्लेखनीय कैलासा (कैलासनाथ गुफा 16) है, जिसका नाम हिमालय के कैलास रेंज में पर्वत के लिए रखा गया है जहां हिंदू भगवान शिव निवास करते हैं। साइट पर अन्य मंदिरों के विपरीत, जो पहले चट्टान के चेहरे में क्षैतिज रूप से खोदे गए थे, कैलासा परिसर को बेसाल्टिक ढलान से नीचे की ओर खोदा गया था और इसलिए यह काफी हद तक सूर्य के प्रकाश के संपर्क में है। 8 वीं शताब्दी में मंदिर का निर्माण, कृष्ण प्रथम के शासनकाल में शुरू हुआ। इसमें सीढि़यों, दरवाजों, खिड़कियों और कई निश्चित मूर्तियों के साथ विस्तृत नक्काशीदार मोनोलिथ और हॉल हैं। इसकी बेहतर सजावट में से एक विष्णु का एक दृश्य है जो एक नरसिंह में बदल गए। प्रवेश द्वार के ठीक बाहर, मुख्य प्रांगण में, शिव के बैल नंदी का एक स्मारक है। हॉल के भीतर चित्रण में 10 सिरों वाले राक्षस राजा रावण ने ताकत के प्रदर्शन में कैलास पर्वत को हिलाने का दृश्य भी मौजूद है।

जैन गुफाएं

जैन मंदिरों में उल्लेखनीय गुफा 32 है, जिसमें कमल के फूलों और अन्य विस्तृत आभूषणों की बारीक नक्काशी शामिल है। हर साल ये गुफाएं धार्मिक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की बड़ी भीड़ को आकर्षित करती हैं। शास्त्रीय नृत्य और संगीत का वार्षिक एलोरा महोत्सव मार्च के तीसरे सप्ताह में वहाँ आयोजित किया जाता है।

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement