Ghansyam Sharma / Sun, Aug 9, 2026 / Post views : 195
कोण्डागांव। पत्रिका लुक
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय कोण्डागांव स्थित चौपाटी मैदान में भव्य कार्यक्रम एवं सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं ने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक भी शामिल हुईं। उन्होंने उपस्थित लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और विरासत को भी संरक्षित रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को आदिवासी समाज के इतिहास और संस्कृति की जानकारी देने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
विधायक लता उसेंडी ने कहा कि बस्तर संभाग में पेसा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसे पूर्ण रूप से प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे ग्रामसभा और आदिवासी समाज के अधिकारों को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान विधायक लता उसेंडी ने आदिवासी भवन के समीप स्थित चौपाटी मैदान में शेड एवं भव्य मंच निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की राशि आवंटित किए जाने की जानकारी दी। इससे भविष्य में सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
सर्व आदिवासी समाज के जिला कार्य वाहक अध्यक्ष गणेश राम दुग्गा ने कहा कि समाज के हित में निरंतर कार्य किया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ ही जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए भी जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना आज की बड़ी आवश्यकता है। आने वाली पीढ़ी के साथ-साथ अन्य लोगों को भी आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की जानकारी मिल सके, इसके लिए समाज को मिलकर काम करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित करने और समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
शहर में निकली विशाल रैली
सभा के बाद आदिवासी समाज की ओर से विशाल रैली निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए पूरे शहर में भ्रमण कर सभा स्थल पहुंची। रैली में बड़ी संख्या में समाज के युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। डीजे की धुन और पारंपरिक अंदाज में युवा उत्साह के साथ झूमते नजर आए। रैली के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक देखने को मिली।
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